चेन्नई, तमिलनाडु (UNA) : केंद्र के निर्देश पर कई राज्यों में Raj Bhavan का नाम बदलकर Lok Bhavan करने की प्रक्रिया के बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने इस कदम की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि केवल नाम बदल देने से काम नहीं चलेगा — असली जरूरत है “सोच और दृष्टिकोण” बदलने की।
स्टालिन ने सोशल मीडिया पर लिखते हुए पूछा कि क्या नाम बदलने भर से लोकतांत्रिक संस्थानों और चुनी हुई सरकारों के प्रति सम्मान आ जाएगा? उन्होंने कहा कि अगर विधायी सभा और जनता द्वारा चुनी गई सरकार का सम्मान नहीं किया जाता, तो नाम बदलना मात्र दिखावा होगा।
उनका स्पष्ट संदेश रहा कि बदलाव की शुरुआत नामकरण से नहीं, बल्कि व्यवस्था-परिवर्तन और जन-प्रतिनिधित्व के सम्मान से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल “लोक भवन” कह देने से जनता का भरोसा और लोकतंत्र की आत्मा वापस नहीं आएगी।
इस बयान ने देशभर में नाम बदलने की सरकारी पहल पर राजनीतिक और नैतिक सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां कई राज्यों में राजभवन–राजनिवास का नाम बदलकर ‘लोक’ भवन किया जा रहा है। - UNA















