नई दिल्ली, भारत (UNA) : शुक्रवार को जारी होने वाले Q2 GDP आंकड़े देश की आर्थिक तस्वीर का नया रुख दिखाएंगे। हालांकि मुख्य GDP वृद्धि दर पर सभी की नजर होगी, विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ शीर्ष संख्या पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है।
विशेषज्ञ सुझाव दे रहे हैं कि निवेशक और विश्लेषक GVA (Gross Value Added) और GDP के बीच अंतर, क्षेत्रवार प्रदर्शन, मांग और उत्पादन के स्रोत, तथा निवेश, उपभोग और शुद्ध निर्यात जैसे घटकों को भी देखेंगे। इससे पता चलेगा कि वृद्धि सतत है या केवल कुछ क्षेत्रों या अस्थायी कारणों से प्रेरित है।
विशेष रूप से यह देखने की जरूरत है कि कृषि, निर्माण, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र कितनी मजबूती दिखा रहे हैं। केवल उपभोग पर आधारित GDP वृद्धि में दीर्घकालिक स्थिरता कम हो सकती है। साथ ही, रोजगार, मुद्रास्फीति और आय वितरण पर इसका असर भी महत्वपूर्ण होगा।
विश्लेषकों का कहना है कि Q2 आंकड़ों की गहन समीक्षा से नीति निर्माताओं और निवेशकों को वास्तविक आर्थिक स्वास्थ्य और संभावित जोखिमों का स्पष्ट संकेत मिलेगा। - UNA









