भारत का सेमीकंडक्टर सफर: आत्मनिर्भरता की ओर10 Aug 25

भारत का सेमीकंडक्टर सफर: आत्मनिर्भरता की ओर

नई दिल्ली (UNA) : छोटे चिप, बड़ी ताकत
आज हमारे स्मार्टफोन, कंप्यूटर, टीवी, सैटेलाइट और रक्षा प्रणालियों तक—हर तकनीक की जान सेमीकंडक्टर चिप में है।

  • यह चिप उपकरणों का “दिमाग” है

  • लाखों-करोड़ों ट्रांजिस्टर से बना होता है

  • जानकारी को स्टोर, प्रोसेस और ट्रांसफर करता है

    सेमीकंडक्टर क्यों जरूरी हैं
  • कोविड-19 और यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान चिप की कमी से उत्पादन ठप हुआ

  • AI, मशीन लर्निंग और क्लाउड कम्प्यूटिंग से मांग और तेज़

  • ताइवान 60% से ज्यादा चिप बनाता है, 90% एडवांस चिप भी वहीं से

  • एक जगह पर निर्भरता सप्लाई चेन के लिए खतरा

    भारत की बढ़ती भूमिका

भारत सरकार ने कई कदम उठाए:

  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) – ₹76,000 करोड़ का निवेश

  • सेमिकॉन इंडिया प्रोग्राम – वैश्विक निवेश और साझेदारी

  • मेक इन इंडिया में ESDM को अहम सेक्टर

बाजार का आकार

  • 2023: $38 अरब

  • 2024-25: $45–50 अरब

  • 2030: $100+ अरब का लक्ष्य

    हाल के निवेश और प्रोजेक्ट
कंपनीस्थाननिवेशक्षमता
माइक्रोन टेक्नोलॉजीसाणंद, गुजरात₹22,516 करोड़ATMP सुविधा
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स + PSMCधोलेरा, गुजरात₹91,000 करोड़50,000 वेफर/माह
CG पावर + रेनेसससाणंद, गुजरात₹7,600 करोड़1.5 करोड़ चिप/दिन
HCL-फॉक्सकॉनजेवर, UP₹3,700 करोड़36M यूनिट/वर्ष
प्रतिभा और कौशल विकास
  • 85,000 इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य

  • नया VLSI डिजाइन और IC मैन्युफैक्चरिंग पाठ्यक्रम

  • SMART लैब से 44,000+ इंजीनियर प्रशिक्षित

  • IBM, पर्ड्यू यूनिवर्सिटी और Lam Research जैसी साझेदारियां

  • सेमिकॉन इंडिया 2025 की झलक

📅 तारीख: 2–4 सितंबर 2025
📍 स्थान: यशोभूमि (IICC), नई दिल्ली

मुख्य आकर्षण:

  • 18 देशों से 300+ प्रदर्शक

  • जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और मलेशिया के इंटरनेशनल पवेलियन

  • 8 कंट्री राउंडटेबल

  • वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन

  • सेमीकंडक्टर डिजाइन स्टार्टअप पवेलियन

  • 9 राज्य सरकारों के पवेलियन

भारत सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता नहीं रह गया है। नई फैक्ट्रियों, डिजाइन सेंटर और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों के साथ, भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में निर्माता और नवाचार केंद्र दोनों के रूप में अपनी जगह बना रहा है। यह बदलाव भारत को आर्थिक मजबूती, तकनीकी आत्मनिर्भरता और रणनीतिक सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। - UNA

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एप्पल ने बेंगलुरु में 10 साल के लिए ऑफिस फ्लोर लीज़ पर लिए, सौदा 1,010 करोड़ रुपये का18 Aug 25

एप्पल ने बेंगलुरु में 10 साल के लिए ऑफिस फ्लोर लीज़ पर लिए, सौदा 1,010 करोड़ रुपये का

तकनीकी दिग्गज एप्पल ने भारत में अपने विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बेंगलुरु में लंबे समय के लिए ऑफिस स्पेस लीज़ पर लिया है। यह सौदा कुल 1,010 करोड़ रुपये (लगभग 135 मिलियन डॉलर) का है और 10 साल की अवधि के लिए तय किया गया है। जानकारी के अनुसार, एप्पल ने यह ऑफिस स्पेस एम्बेसी ज़ेनिथ, संके रोड, वसंत नगर, बेंगलुरु में लिया है। कंपनी हर महीने करीब 6.31 करोड़ रुपये किराए के रूप में चुकाएगी, जो प्रति वर्ग फुट लगभग 235 रुपये बैठता है। इस लीज़ समझौते को एप्पल के भारत में बढ़ते निवेश और यहां के टेक्नोलॉजी हब में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस सौदे से एप्पल का भारत के टेक सेक्टर में भरोसा और स्पष्ट होता है। इसके साथ ही, बेंगलुरु में कंपनी की उपस्थिति से रोजगार और टेक उद्योग से जुड़ी गतिविधियों को नई दिशा मिलने की संभावना है।