कोलकाता (UNA) : लियोनेल मेस्सी से जुड़े बहुप्रतीक्षित आयोजन के अधूरे रह जाने के बाद कोलकाता में गहरी निराशा का माहौल है। जिस कार्यक्रम को लेकर उत्साह चरम पर था, वही अब शहर के खेल इतिहास में एक कड़वी याद बनता जा रहा है।
फुटबॉल के प्रति अपने जुनून के लिए पहचाने जाने वाले कोलकाता के प्रशंसकों को उम्मीद थी कि मेस्सी की मौजूदगी शहर को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगी। हालांकि, अंतिम समय में योजनाओं के विफल होने और स्पष्ट संवाद की कमी ने इन उम्मीदों को तोड़ दिया।
खेल विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक आयोजन की असफलता नहीं है, बल्कि इससे शहर की खेल आयोजन क्षमता और प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हुए हैं। बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से जुड़े कार्यक्रमों में पारदर्शिता और समयबद्ध जानकारी बेहद अहम होती है, जिसकी कमी इस मामले में साफ नजर आई।
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ है। कई प्रशंसकों ने निराशा जताई, जबकि कुछ ने आयोजन से जुड़े पक्षों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। फुटबॉल प्रेमियों का कहना है कि इस अनुभव ने भविष्य के आयोजनों को लेकर भरोसे को झटका दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कोलकाता जैसे शहर के लिए, जहां फुटबॉल केवल खेल नहीं बल्कि संस्कृति है, इस तरह की घटनाएं लंबे समय तक असर छोड़ती हैं। अब चुनौती यह है कि शहर इस झटके से सीख लेकर भविष्य में बेहतर और विश्वसनीय आयोजन सुनिश्चित करे। - UNA















