बेंगलुरु, कर्नाटक (UNA) : कर्नाटक में सरकार चलाने को लेकर बढ़ती खींचतान ने कांग्रेस के भीतर तनाव तेज कर दिया है। नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच पार्टी हाईकमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के समर्थकों के बीच बढ़ रहे मतभेदों को शांत करने की कोशिश कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आगामी 2028 विधानसभा चुनावों की तैयारी को ध्यान में रखते हुए जातीय संतुलन पर विशेष ध्यान दे रही है। लिंगायत, वोक्कालिगा, दलित और OBC समुदायों के बीच पार्टी अपना जनाधार बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है, जबकि नेतृत्व विवाद इसे प्रभावित कर सकता है।
हाईकमान का आकलन है कि अचानक नेतृत्व परिवर्तन जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन असंतोष अनियंत्रित हुआ तो संगठनात्मक नुकसान भी संभव है। इसी वजह से दोनों नेताओं की भूमिका, भविष्य की जिम्मेदारियों और क्षेत्रीय संतुलन पर आधारित एक ‘मध्य समाधान’ खोजने पर चर्चा चल रही है।
पार्टी अगले कुछ हफ्तों में राज्य इकाई को स्थिर करने के लिए निर्णय लेने की तैयारी में है, ताकि सरकार और संगठन दोनों पटरी पर रह सकें। - UNA















