नई दिल्ली (UNA) : – भारतीय राजनीति के एक towering figure, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और झारखंड के तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का सोमवार को 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
झारखंड के 'गुरुजी' का निधन
पारिवारिक सूत्रों ने पुष्टि की कि सोरेन ने नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहाँ वह एक लंबी बीमारी का इलाज करा रहे थे।
उनके समर्थकों द्वारा प्यार से "गुरुजी" (आदरणीय शिक्षक) के रूप में जाने जाने वाले सोरेन का राजनीतिक जीवन पांच दशकों से अधिक लंबा था।
राजनीतिक विरासत और परिवार का दुख
सोरेन की राजनीतिक यात्रा में उन्होंने तीन अलग-अलग अवसरों पर झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, हालांकि उनके कार्यकाल अक्सर political turbulence द्वारा चिह्नित थे।
1944 में जन्मे सोरेन marginalized लोगों के लिए एक formidable leader के रूप में उभरे, और उनकी पार्टी, JMM, झारखंड में एक dominant political force बनी हुई है, जिसका नेतृत्व वर्तमान में उनके बेटे, हेमंत सोरेन कर रहे हैं।
उनके निधन से झारखंड की राजनीति के एक युग का अंत हो गया है। राजनीतिक स्पेक्ट्रम के नेताओं से tributes आने लगे हैं, जो सामाजिक न्याय के लिए उनके relentless struggle और अपने राज्य के लोगों के साथ उनके गहरे संबंध के लिए उन्हें याद कर रहे हैं।
उनके पार्थिव शरीर और अंतिम संस्कार के संबंध में details परिवार द्वारा आज बाद में घोषित किए जाने की उम्मीद है। झारखंड और अन्य राज्यों की सरकारें veteran leader के सम्मान में एक आधिकारिक शोक की अवधि की घोषणा कर सकती हैं। - UNA