मुंबई ( UNA ) : शाहरुख़ खान की आने वाली एक्शन फ़िल्म “किंग” को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में उत्साह और चर्चा दोनों ही तेज़ हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फ़िल्म का निर्माण बजट लगभग ₹350 करोड़ बताया जा रहा है, जो इसे भारत की अब तक की सबसे महंगी एक्शन फ़िल्मों में से एक बना सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, “किंग” को एक “ग्लोबल फ़िल्म मेड इन इंडिया” के रूप में पेश किया जा रहा है — यानी यह केवल भारतीय दर्शकों को नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। इसमें बड़े पैमाने पर एक्शन सीक्वेंस, विदेशी लोकेशंस और शानदार प्रोडक्शन वैल्यूज़ शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि ₹350 करोड़ का आंकड़ा केवल निर्माण (प्रोडक्शन) लागत को दर्शाता है — इसमें प्रिंट, पब्लिसिटी और अन्य प्रचार खर्च शामिल नहीं हैं, जिससे कुल लागत और भी अधिक हो सकती है।
इस फ़िल्म का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं, जिन्होंने पहले “पठान” और “वॉर” जैसी ब्लॉकबस्टर फ़िल्में दी हैं। “किंग” का निर्माण रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट के बैनर तले किया जा रहा है, साथ ही कुछ अन्य प्रोडक्शन हाउसेज़ भी सहयोग कर रहे हैं। रिलीज़ की योजना 2026 के लिए बनाई गई है, हालांकि तारीख़ आगे-पीछे हो सकती है।
हालांकि ₹350 करोड़ के बजट की ख़बर कई प्रतिष्ठित वेबसाइट्स और इंडस्ट्री सूत्रों से आई है, लेकिन अब तक निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बड़े पैमाने की भारतीय फिल्मों में बजट अक्सर एक्शन, वीएफएक्स और री-शूट्स के कारण बढ़ जाता है, इसलिए अंतिम आंकड़ा इससे भी ऊपर जा सकता है।
अगर यह बजट सही साबित होता है, तो “किंग” की लागत “पठान” और “जवान” जैसी शाहरुख़ की पिछली सुपरहिट फिल्मों से भी अधिक होगी। यह फिल्म भारतीय सिनेमा के ग्लोबल लेवल पर विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
व्यापारिक दृष्टिकोण से, इतना विशाल बजट जहाँ जोखिम बढ़ाता है, वहीं ओटीटी, विदेशी बाज़ार और मर्चेंडाइजिंग जैसे क्षेत्रों में अपार कमाई की संभावना भी खोलता है।
सिनेमा की दृष्टि से देखा जाए तो “किंग” भारतीय फिल्मों के तकनीकी स्तर, एक्शन क्वालिटी और अंतरराष्ट्रीय मानकों को एक नए मुकाम पर ले जाने की कोशिश है जो आने वाले वर्षों में बॉलीवुड की दिशा तय कर सकती है। - UNA















