नई दिल्ली ( UNA ) : भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताज़ा ऑडिट रिपोर्ट ने दिल्ली की बस सेवाओं की वास्तविक तस्वीर सामने रख दी है, जिसमें कई अहम खामियों और लम्बे समय से चली आ रहीं व्यवस्थागत समस्याओं पर रोशनी डाली गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में चल रही क्लस्टर और डीटीसी बसों में रखरखाव की कमी, समय पर मरम्मत न होना, ओवरएजिंग फ्लीट और पर्याप्त बसों की उपलब्धता न होना प्रमुख समस्याएं हैं। कई बस डिपो में स्पेयर पार्ट्स की कमी दर्ज की गई, जबकि बड़ी संख्या में वाहन मरम्मत के इंतज़ार में खड़े पाए गए।
CAG ने यह भी बताया कि राजधानी में बसों की संख्या शहर की बढ़ती जनसंख्या और सार्वजनिक परिवहन की ज़रूरतों के अनुरूप अभी भी काफी कम है। रिपोर्ट में चालक और कंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण मानव संसाधनों की कमी को भी एक बड़ी चुनौती बताया गया है। डिजिटल टिकटिंग और GPS ट्रैकिंग जैसी तकनीकों के कार्यान्वयन में खामियां और धीमी प्रगति भी चिन्हित की गईं।
सुधार के लिए CAG ने बसों का समयबद्ध रखरखाव, फ्लीट के आधुनिकीकरण, ई-बसों की संख्या बढ़ाने, स्टाफ की भर्ती तेज़ करने और तकनीकी सिस्टम को मजबूत करने जैसे सुझाव - दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सिफारिशों को लागू करने से दिल्ली की सार्वजनिक बस सेवाएं अधिक विश्वसनीय और कुशल बन सकती हैं। - UNA















