बेंगलुरु, कर्नाटक (UNA) : डेटा प्रोटेक्शन एंड डिजिटल प्राइवेसी (DPDP) कानून को लेकर देश की प्रमुख आईटी कंपनियों ने कहा है कि सरकार द्वारा तय की गई अनुपालन समयसीमा व्यावहारिक है, लेकिन छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के लिए यह चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े फर्मों के पास पहले से मजबूत डेटा सुरक्षा ढांचा मौजूद है, जिससे वे समय पर नियमों के अनुरूप ढलने में सक्षम हैं।
आईटी सेक्टर से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि DPDP कानून लागू होने से कंपनियों को डेटा संग्रह, भंडारण और उपभोक्ता सहमति प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव करने होंगे। जहां बड़ी कंपनियाँ नई आवश्यकताओं के लिए तेजी से संसाधन लगा सकती हैं, वहीं छोटे फर्मों को तकनीकी निवेश, कानूनी दिशा-निर्देश और प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी से जूझना पड़ सकता है।
उद्योग निकायों ने सरकार से आग्रह किया है कि छोटे फर्मों को सहायता, दिशानिर्देश और चरणबद्ध अनुपालन विकल्प दिए जाएं, ताकि वे भी नियमों का पालन कर सकें और डिजिटल गोपनीयता ढांचे को मजबूत बनाने में योगदान दे सकें। - UNA















