वॉशिंगटन (UNA) : पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर अमेरिका ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान-आधारित समूह इस हमले में शामिल थे। यह स्वीकारोक्ति अमेरिका की दक्षिण एशियाई नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
हालाँकि, हैरानी की बात यह है कि इसके बावजूद अमेरिका पाकिस्तान को सैन्य सहायता और हथियारों की सप्लाई जारी रखे हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रणनीति अमेरिका की क्षेत्रीय सुरक्षा और उसके राजनयिक हितों का संतुलन बनाए रखने की कोशिश का हिस्सा है।
भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं और इस नई स्वीकारोक्ति के साथ अमेरिकी हथियार नीति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है। कई विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं कि जब आतंक का स्रोत सामने है, तो हथियार सहयोग किस आधार पर जारी है। - UNA
















