सियोल, दक्षिण कोरिया (UNA) : दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung ने शुक्रवार को बताया कि देश ने अमेरिका के साथ व्यापार और सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौते पर अंतिम निर्णय ले लिया है। इस समझौते का खुलासा उन्होंने एक टेलीविजन ब्रीफिंग में किया, जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एवं मित्र देशों की बढ़ती रक्षा-चुनौतियों के बीच यह निर्णायक क्षण है।
राष्ट्रपति Lee ने कहा कि इस समझौते के तहत दक्षिण कोरिया अमेरिका की मदद से परमाणु-शक्ति वाली पनडुब्बियाँ बनाने की दिशा में काम करेगा — जिसे अब तक अमेरिका ने किसी अन्य सहयोगी राष्ट्र को टिप्पणी के साथ अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देश अब जहाज-निर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) व परमाणु उद्योग में विशेष साझेदारी करेंगे। रक्षा व आर्थिक रणनीति को एक साथ रखकर यह कदम उठाया गया है।
व्यापार-मुद्धों के तहत, अमेरिका ने अब दक्षिण कोरियाई उत्पादों पर लगने वाले 25 % के आयात शुल्क को घटाकर 15 % तक लाने की सहमति दी है। यही नहीं, कारोबार और निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए गैर-शुल्क बाधाओं को हटाने व आपूर्ति-शृंखला को सुदृढ़ करने के उपाय भी शामिल हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता न सिर्फ अमेरिका-दक्षिण कोरिया संबंधों को गहरा करेगा, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन व उत्तर कोरिया की बढ़ती मौजूदगी के बीच सियासी-सैन्य संतुलन में बदलाव ला सकता है। दोनों देशों ने कहा है कि यह समझौता “संयुक्त रक्षा-उन्नयन व विकास-उन्नति” की दिशा में एक नया अध्याय है। - UNA
















