नई दिल्ली (UNA) : पूर्वी एशिया में हो रहे राजनीतिक और रणनीतिक घटनाक्रम भारत के लिए बढ़ते महत्व के हैं। यह क्षेत्र वैश्विक आर्थिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र है, जहां चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और आसियान देशों की अहम भूमिका है। भारत का एक बड़ा व्यापारिक हिस्सा इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, ऐसे में यहां होने वाले आर्थिक उतार–चढ़ाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
सुरक्षा के नजरिए से भी पूर्वी एशिया भारत के लिए महत्वपूर्ण है। दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियां समुद्री मार्गों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं, जिन पर भारत का ऊर्जा आयात और व्यापार निर्भर करता है। इसके अलावा, क्षेत्र में शक्ति संतुलन में बदलाव भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति को भी प्रभावित करता है।
कूटनीतिक स्तर पर भारत ने ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत पूर्वी एशियाई देशों के साथ सहयोग बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाकर भारत न केवल अपने आर्थिक हित सुरक्षित कर सकता है, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी रणनीतिक स्थिति भी मजबूत कर सकता है। - UNA
















