मुंबई (UNA) : भारतीय शेयर बाज़ार में 11 दिसंबर को निवेशकों के रुख में तेज़ विरोधाभास दिखाई दिया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने इस दिन 2000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा और प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक संकेतों की कमजोरी और फेडरल रिज़र्व से जुड़े अनिश्चित माहौल ने विदेशी निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने के लिए मजबूर किया।
इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार में मजबूत विश्वास दिखाते हुए 3700 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी की। इस सक्रिय निवेश ने बाजार की गिरावट को काफी हद तक थामने में मदद की और स्थिरता का संकेत दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि डीआईआई की मजबूत भागीदारी बाजार की लंबी अवधि की मजबूती को दर्शाती है, खासकर ऐसे समय में जब विदेशी निवेशक सतर्क दिखाई दे रहे हैं। - UNA
















