पटना, भारत (UNA) : बिहार में इस वर्ष आयोजित दो-चरणीय विधानसभा चुनाव ने एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया है। चुनाव आयोग ने बुधवार को कहा कि दूसरे चरण के मतदान में शामिल 122 सीटों में किसी भी मतदान केंद्र पर रिपोल या पुन: मतदान की सिफारिश नहीं की गई है। इसके साथ ही पहली बार हुआ है कि पूरे चुनाव में रिपोल की संख्या शून्य रही।
आयोग ने बताया कि पहले चरण में भी सभी 121 सीटों में सूचकांक-परीक्षा व दस्तावेजीय जांच के बाद रिपोल आवश्यक नहीं पड़ा था। दूसरे चरण में भी यही प्रक्रिया दोहराई गई: प्रत्येक बूथ पर मतदान के बाद Form 17A सहित अन्य संबंधित रिकॉर्ड की समीक्षा की गई, सभी प्रसार सामग्री पुनः सील की गई और निष्पक्षता सुनिश्चित की गई। समीक्षा में यह निष्कर्ष निकला कि वोटिंग प्रक्रिया में कोई व्यवधान या गड़बड़ी नहीं हुई।
विश्लेषकों के मुताबिक यह परिणाम दिखाता है कि इस बार के चुनाव में बूथ-प्रबंधन, तकनीकी उपकरणों तथा पर्यवेक्षण प्रणालियों में सुधार हुआ है। हालांकि, आयोग ने यह भी कहा है कि भविष्य में भी मतदाता सूची-अपडेट, मतदान एजेंसी-प्रशिक्षण और मतदाता जागरूकता को लगातार जारी रखना आवश्यक होगा।
राजनीतिक दलों तथा चुनाव पर्यवेक्षकों ने इस उपलब्धि को सकारात्मक संकेत माना है, लेकिन साथ ही कहा है कि निष्पक्ष मतदान के लिए आगे भी सतर्कता की जरूरत बनी रहेगी। निर्वाचन परिणाम की घोषणा 14 नवंबर को होने वाली है, इसके पहले मतदान-प्रक्रिया में मिली इस तरह की सफलता राज्य की демок्रेटिक प्रणाली को मजबूत करने वाली मानी जा रही है। - UNA
13 Nov 25बिहार चुनाव में पहली बार दोनों चरणों में रिपोल नहीं — चुनाव आयोग
Related news
15 Dec 25दिल्ली अलर्ट मोड में, प्रमुख स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
रेड फोर्ट विस्फोट के बाद दिल्ली पुलिस की समीक्षा में राजधानी के 175 से अधिक स्थानों पर सुरक्षा में गंभीर खामियां सामने आई हैं।














