नई दिल्ली (UNA) : इंडिगो एयरलाइंस ने केंद्र सरकार से कस्टम ड्यूटी रिफंड की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। एयरलाइन ने दावा किया है कि उसने री-इम्पोर्टेड यानी मरम्मत के बाद वापस लाए गए विमान पुर्जों पर लगभग ₹900 करोड़ का शुल्क चुकाया है, जबकि नियमों के अनुसार इस पर छूट मिलनी चाहिए थी।
इंडिगो का कहना है कि विमान सुरक्षा और नियमित संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण पुर्जों को विदेश भेजकर मरम्मत कराना अनिवार्य होता है। ऐसे पुर्जे वापस आने पर उन्हें पहले से इस्तेमाल किया हुआ माना जाता है और उन पर पूर्ण कस्टम ड्यूटी नहीं लगनी चाहिए। एयरलाइन का तर्क है कि शुल्क की यह वसूली गलत व्याख्या के आधार पर की गई है, जिस वजह से उसे भारी वित्तीय बोझ झेलना पड़ा है।
याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि वह संबंधित विभागों को इस राशि की वापसी का निर्देश दे। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले का असर पूरे एविएशन सेक्टर पर पड़ सकता है, क्योंकि कई एयरलाइंस इसी तरह की प्रक्रियाओं से गुजरती हैं। - UNA
















