कोलकाता (UNA) : केंद्र सरकार ने तीन वर्षों से बंद पड़े महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को पश्चिम बंगाल में पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है। योजना को बहाल करते हुए केंद्र ने स्पष्ट किया है कि आगे से सभी भुगतान, कार्य आवंटन और जॉब कार्ड सत्यापन सख्त निगरानी और अनुपालन नियमों के तहत होंगे। सरकार का उद्देश्य फंड के उपयोग में पारदर्शिता बढ़ाना और योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करना है।
सूत्रों का कहना है कि नए नियमों के तहत राज्य को समय पर डेटा अपलोड, जॉब कार्ड अपडेट और फील्ड रिपोर्टिंग में सुधार लाना होगा। केंद्र ने यह भी संकेत दिया है कि अगर किसी भी स्तर पर अनियमितता मिली तो फंड रोकने की कार्रवाई दोबारा भी की जा सकती है।
वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि मनरेगा की वापसी ग्रामीण परिवारों को राहत देगी और रोजगार के अवसर बढ़ाएगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि नई शर्तों का पालन करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। - UNA
















