नई दिल्ली (UNA) : राजधानी दिल्ली में पुलिस ने दो संगठित अपराध सिंडिकेटों का भंडाफोड़ करते हुए एक बड़े हाई-टेक ब्लैकमेल रैकेट का खुलासा किया है। जांच में पता चला कि पहला गिरोह ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर निगाह रखता था और जासूसी कैमरों से रिकॉर्ड किए गए फुटेज को एडिट कर उन्हें डराकर पैसों की मांग करता था। गिरोह के सदस्य झूठी शिकायतें दर्ज कर पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाते थे ताकि वसूली की जा सके।
दूसरा गिरोह ट्रांसपोर्टरों को नकली ‘मार्का’ स्टिकर बेचता था, जिनमें हर महीने बदलने वाले डिज़ाइन और अलग-अलग फोन नंबर शामिल होते थे। इन स्टिकरों के बहाने वाहन चालकों को भरोसा दिलाया जाता था कि वे प्रतिबंधित समय में भी बिना बाधा शहर में प्रवेश कर सकेंगे। बदले में मोटी रकम वसूली जाती थी और पूरी प्रक्रिया को संगठित तरीके से चलाया जाता था।
पुलिस ने दोनों गिरोहों के मास्टरमाइंड सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से जासूसी कैमरे, मोबाइल फोन, फर्जी स्टिकर और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी पर काम कर रही है। - UNA
















