मुंबई, महाराष्ट्र (UNA) : दिसंबर की मौद्रिक नीति से पहले आरबीआई द्वारा संभावित दर कटौती की अटकलों ने पीएसयू बैंकिंग शेयरों को बाजार में मजबूती प्रदान की है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि केंद्रीय बैंक ऋण दरों में राहत देता है, तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ और मार्जिन पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के महीनों में स्थिर एसेट क्वालिटी और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के कारण पीएसयू बैंकों ने निवेशकों का भरोसा फिर से हासिल किया है। नीति में नरमी से उधारी की मांग बढ़ने की संभावना है, जिससे इन बैंकों के बैलेंस शीट को और समर्थन मिल सकता है।
ट्रेडिंग सत्रों में भी इस सेक्टर में लगातार खरीदारी देखी जा रही है, क्योंकि निवेशक नीति घोषणा से पहले संभावित बढ़त का अनुमान लगा रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि वास्तविक रुझान आरबीआई के अंतिम निर्णय और आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगा। - UNA















